शादी और रिसेप्शन के बाद प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस लगातार सुर्खियों में हैं. हाल ही में दिल्ली में दोनों ने रिसेप्शन दिया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. इन सबके बीच न्यूयॉर्क की एक मैगजीन ने प्रियंका को 'ग्लोबल स्कैम आर्टिस्ट' बता दिया और निक के साथ उनके रिलेशनशिप को झूठा करार दिया. हालांकि बाद में भारी विरोध के बीच मैगजीन ने आर्टिकल को हटा दिया. वहीं एक हालिया इंटरव्यू के दौरान प्रियंका ने इस पर बात करने से मना कर दिया.
दिल्ली में एक इवेंट का हिस्सा बनीं प्रियंका से जब इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा- ''मैं इसपर कोई कमेंट नहीं करना चाहती. ये मेरे मतलब के बाहर की चीज है. मैं इस समय काफी खुशी के पलों में हूं और इस तरह की बातें मुझे डिस्टर्ब नहीं कर सकतीं.''
विदेशी मैगजीन में प्रियंका के बारे में ऐसी बातें लिखे जाने के बाद बॉलीवुड के कई सितारे भड़क गए हैं. हालांकि, विवाद बढ़ता देख मैगजीन ने खबर को लेकर माफी मांगी और आर्टिकल को अपनी वेबसाइट से हटा लिया.
आर्टिकल पर सोनम कपूर ने अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इस आर्टिकल को घटिया और महिला विरोधी बताया है. उन्होंने लिखा, 'ऐसा आर्टिकल एक महिला ने ही लिखा है सबसे दुख की बात तो ये है. शर्म आती है.'
स्वरा भास्कर ने भी आर्टिकल के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया है. इसके अलावा जो जोनस और सोफी टर्नर ने भी मैगजीन का विरोध किया. इसके बाद मैगजीन ने एक लेख जारी कर माफी मांगी और उस पोस्ट को डिलीट भी कर दिया.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 'द कट' नाम की इंटरनेशनल मैगजीन ने प्रियंका और निक के रिश्ते पर एक आर्टिकल लिखा. इस लेख का टाइटल 'क्या प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस का प्यार सच्चा है?' था. आर्टिकल में प्रियंका चोपड़ा से निक जोनस की शादी को एक 'धोखा' बताया गया. 1000 शब्दों से ज्यादा के आर्टिकल में प्रियंका और निक के रिलेशन को झूठा बताया. उन्होंने निक को सलाह देते हुए कहा- निक अगर आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं तो जल्द से जल्द बच निकलिए. इस आर्टिकल को मारिया स्मिथ नाम की एक पत्रकार ने लिखा. अब आर्टिकल को लेकर उनकी आलोचना की जा रही है.
दूसरी तरफ, केदारनाथ पर सेलेब्स के रिएक्शन सामने आए हैं. उन्होंने सारा की फिल्म को पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है. बुधवार रात मुंबई में फिल्म केदारनाथ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी.
स्क्रीनिंग के बाद अर्जुन रामपाल ने डायरेक्टर अभिषेक कपूर की शानदार कोशिश की तारीफ की है. क्लाइमेक्स सीक्वेंस में सारा के अभिनय से वे खासे प्रभावित हुए. सुजैन खान ने सारा को गॉर्जियस न्यू टैलेंट बताया. वहीं शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने मेकर्स और एक्टर्स की जमकर तारीफ की.
Thursday, December 6, 2018
Thursday, November 29, 2018
नवीद जट का मारा जाना कितनी बड़ी कामयाबी
भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर नवीद जट को मारने का दावा किया है. सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में नवीद का एक साथी भी मारा गया है.
बुधवार तड़के सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम ने ज़िला बडगाम के कुठपोरा, छतरगाम इलाक़े में चरमपंथियों के छुपे होने की सूचना के बाद इलाक़े को घेरा था.
इलाके में छुपे चरमपंथियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चला दीं, जिस पर सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की. इस मुठभेड़ में तीन सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए हैं.
पुलिस ने नवीद जट के मरने की पुष्टि की है. जम्मू-कश्मीर में एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस मुनीर ख़ान ने बीबीसी को बताया, "बुधवार को जो बडगाम में मुठभेड़ हुई है, उसमें लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर नवीद जट भी मारा गया है. पुलिस को कई मामलों में नवीद की तलाश थी."
उन्होंने कहा, "नवीद बीते साल श्रीनगर के एक अस्पताल से भाग गया था और हमारे दो पुलिस जवानों को भी मार दिया था. नवीद के मारे जाने से अब उन इलाक़ों में सुकून होगा जहां वो गतिविधियों को अंजाम देता था."
क्या सुरक्षाबलों की यह बड़ी कामयाबी है? ख़ान ने बताया, "हर एक आतंकवादी पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए वॉन्टेड होता है. नवीद कुख्यात आतंकवादी था. उसके ऊपर हत्याओं के कई मामले थे. सुरक्षाबलों पर हमले समेत और दूसरे अपराधों में भी वो शामिल था."
शुजात बुख़ारी की हत्या का आरोप
नवीद जट पर कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार और राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुख़ारी की हत्या का आरोप था. इस साल पुलिस ने शुजात बुख़ारी की हत्या के मामले में नवीद जट का नाम लिया था.
पुलिस ने एक हफ़्ते पहले इस बात का दावा किया था कि अनंतनाग के सुतकीपोरा में मारे गए छह चरमपंथियों में से एक चरमपंथी आज़ाद अहमद मालिक उर्फ़ दादा को भी मारा गया है.
पुलिस ने शुजात बुख़ारी की हत्या में जिन चार लोगों का नाम लिया था, उनमें आज़ाद और नवीद शामिल थे.
जून 2018 में शुजात बुख़ारी की श्रीनगर में उनके दफ्तर के बाहर गोली मार हत्या कर दी गई थी. उस हमले में उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे.
श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी दिलबाग सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "नवीद जट शुजात बुख़ारी की हत्या में एक मुख्य अभियुक्त था. अगर हम ज़िंदा पकड़ते तो और भी चीज़ें सामने आ जातीं लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. नवीद की भूमिका किस हद तक थी और किस हद तक नहीं थी तो ये क़िस्सा भी अब खत्म हो गया. बाक़ी इस मामले में जांच जारी है."
बुधवार तड़के सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम ने ज़िला बडगाम के कुठपोरा, छतरगाम इलाक़े में चरमपंथियों के छुपे होने की सूचना के बाद इलाक़े को घेरा था.
इलाके में छुपे चरमपंथियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चला दीं, जिस पर सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की. इस मुठभेड़ में तीन सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए हैं.
पुलिस ने नवीद जट के मरने की पुष्टि की है. जम्मू-कश्मीर में एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस मुनीर ख़ान ने बीबीसी को बताया, "बुधवार को जो बडगाम में मुठभेड़ हुई है, उसमें लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर नवीद जट भी मारा गया है. पुलिस को कई मामलों में नवीद की तलाश थी."
उन्होंने कहा, "नवीद बीते साल श्रीनगर के एक अस्पताल से भाग गया था और हमारे दो पुलिस जवानों को भी मार दिया था. नवीद के मारे जाने से अब उन इलाक़ों में सुकून होगा जहां वो गतिविधियों को अंजाम देता था."
क्या सुरक्षाबलों की यह बड़ी कामयाबी है? ख़ान ने बताया, "हर एक आतंकवादी पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए वॉन्टेड होता है. नवीद कुख्यात आतंकवादी था. उसके ऊपर हत्याओं के कई मामले थे. सुरक्षाबलों पर हमले समेत और दूसरे अपराधों में भी वो शामिल था."
शुजात बुख़ारी की हत्या का आरोप
नवीद जट पर कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार और राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुख़ारी की हत्या का आरोप था. इस साल पुलिस ने शुजात बुख़ारी की हत्या के मामले में नवीद जट का नाम लिया था.
पुलिस ने एक हफ़्ते पहले इस बात का दावा किया था कि अनंतनाग के सुतकीपोरा में मारे गए छह चरमपंथियों में से एक चरमपंथी आज़ाद अहमद मालिक उर्फ़ दादा को भी मारा गया है.
पुलिस ने शुजात बुख़ारी की हत्या में जिन चार लोगों का नाम लिया था, उनमें आज़ाद और नवीद शामिल थे.
जून 2018 में शुजात बुख़ारी की श्रीनगर में उनके दफ्तर के बाहर गोली मार हत्या कर दी गई थी. उस हमले में उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे.
श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी दिलबाग सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "नवीद जट शुजात बुख़ारी की हत्या में एक मुख्य अभियुक्त था. अगर हम ज़िंदा पकड़ते तो और भी चीज़ें सामने आ जातीं लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. नवीद की भूमिका किस हद तक थी और किस हद तक नहीं थी तो ये क़िस्सा भी अब खत्म हो गया. बाक़ी इस मामले में जांच जारी है."
Tuesday, October 30, 2018
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के अनावरण से पहले कई लोग हिरासत में लिए गए
गुजरात के नर्मदा ज़िले में आज दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी' का अनावरण होगा, मगर इसका विरोध कर रहे लोगों को कथित तौर पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के पहले गृहमंत्री रहे सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का एक भव्य समारोह में अनावरण करने वाले हैं.
182 मीटर ऊंची यह मूर्ति केवडिया में सरदार सरोवर बांध के पास है. स्थानीय आदिवासी इस प्रतिमा के निर्माण और भव्य उद्घाटन समारोह का विरोध कर रहे हैं.
आदिवासी नेताओं ने दावा किया है 90 लोगों को हिरासत में लिया गया है और अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें कहां रखा गया है.
मगर नर्मदा ज़िले के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर आर.एस. निनामा ने बीबीसी गुजराती को बताया कि किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है.
आदिवासी नेता आनंद मझगांवकर ने दावा किया है कि लगभग 90 लोगों को स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के पास के इलाक़े से हिरासत में लिया गया है.
उन्होंने कहा, "इन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है मगर हमें जानकारी नहीं है कि उन्हें रखा कहां गया है."
आमलेठा पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी एम.ए. परमार ने बीबीसी को बताया कि पांच लोगों को आमलेठा थानाक्षेत्र से हिरासत में लिया गया है.
उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली थी कि ये लोग प्रदर्शन करने वाले हैं, इस आधार पर हमने उन्हें हिरासत में ले लिया."
डेडियापाडा पुलिस स्टेशन के एएसआई नरान वसवा ने बीबीसी गुजराती को बताया कि बीटीएस और बीपीटी जैसे संगठन उद्घाटन समारोह का विरोध कर रहे हैं और इन संगठनों के 16 कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए हैं.
उन्होंने कहा, "पुलिस ने समारोह का विरोध कर रहे 16 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है."
विरोध में बुलाया गया है बंद
इस इलाक़े के आदिवासियों ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के उद्घाटन का विरोध करते हुए आज बंद बुलाया है.
बताया जा रहा है कि अंबाजी से उमरगाम तक के कई गांव इस बंद में शामिल हो रहे हैं.
स्थानीय लोग लंबे समय से स्टैचू ऑफ़ यूनिटी का विरोध कर रहे हैं.
मध्य गुजरात के चार ज़िलों- छोटा उदयपुर, पंचमहल, वडोदरा और नर्मदा के आदिवासियों ने ख़ुद को पानी में डुबोने की धमकी दी है.
क्यों है नाराज़गी
इस इलाक़े के गन्ना किसान मांग कर रहे हैं कि चीनी मिलों से उन्हें उनकी रुकी हुई पेमेंट दिलवाई जाए.
किसानों का दावा है कि चीनी की जिन मिलों ने उनकी फसल खरीदी थी, वे बंद हो चुकी हैं और अभी तक उनका भुगतान नहीं हुआ है.
वे आरोप लगाते हैं कि लंबे समय से वे प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं मगर उनकी सुनवाई नहीं हो रही.
प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा होने पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित 'एकता यात्रा' का भी किसानों ने विरोध किया. आदिवासियों ने कथित तौर पर एकता यात्रा के प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टर फाड़ दिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के पहले गृहमंत्री रहे सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का एक भव्य समारोह में अनावरण करने वाले हैं.
182 मीटर ऊंची यह मूर्ति केवडिया में सरदार सरोवर बांध के पास है. स्थानीय आदिवासी इस प्रतिमा के निर्माण और भव्य उद्घाटन समारोह का विरोध कर रहे हैं.
आदिवासी नेताओं ने दावा किया है 90 लोगों को हिरासत में लिया गया है और अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्हें कहां रखा गया है.
मगर नर्मदा ज़िले के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर आर.एस. निनामा ने बीबीसी गुजराती को बताया कि किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है.
आदिवासी नेता आनंद मझगांवकर ने दावा किया है कि लगभग 90 लोगों को स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के पास के इलाक़े से हिरासत में लिया गया है.
उन्होंने कहा, "इन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है मगर हमें जानकारी नहीं है कि उन्हें रखा कहां गया है."
आमलेठा पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी एम.ए. परमार ने बीबीसी को बताया कि पांच लोगों को आमलेठा थानाक्षेत्र से हिरासत में लिया गया है.
उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली थी कि ये लोग प्रदर्शन करने वाले हैं, इस आधार पर हमने उन्हें हिरासत में ले लिया."
डेडियापाडा पुलिस स्टेशन के एएसआई नरान वसवा ने बीबीसी गुजराती को बताया कि बीटीएस और बीपीटी जैसे संगठन उद्घाटन समारोह का विरोध कर रहे हैं और इन संगठनों के 16 कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए हैं.
उन्होंने कहा, "पुलिस ने समारोह का विरोध कर रहे 16 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है."
विरोध में बुलाया गया है बंद
इस इलाक़े के आदिवासियों ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा के उद्घाटन का विरोध करते हुए आज बंद बुलाया है.
बताया जा रहा है कि अंबाजी से उमरगाम तक के कई गांव इस बंद में शामिल हो रहे हैं.
स्थानीय लोग लंबे समय से स्टैचू ऑफ़ यूनिटी का विरोध कर रहे हैं.
मध्य गुजरात के चार ज़िलों- छोटा उदयपुर, पंचमहल, वडोदरा और नर्मदा के आदिवासियों ने ख़ुद को पानी में डुबोने की धमकी दी है.
क्यों है नाराज़गी
इस इलाक़े के गन्ना किसान मांग कर रहे हैं कि चीनी मिलों से उन्हें उनकी रुकी हुई पेमेंट दिलवाई जाए.
किसानों का दावा है कि चीनी की जिन मिलों ने उनकी फसल खरीदी थी, वे बंद हो चुकी हैं और अभी तक उनका भुगतान नहीं हुआ है.
वे आरोप लगाते हैं कि लंबे समय से वे प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं मगर उनकी सुनवाई नहीं हो रही.
प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा होने पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित 'एकता यात्रा' का भी किसानों ने विरोध किया. आदिवासियों ने कथित तौर पर एकता यात्रा के प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टर फाड़ दिए.
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